विस्तृत उत्तर
बालकाण्ड रामचरितमानस का सबसे बड़ा काण्ड है। इसमें लगभग 361 दोहे (सोरठा/दोहा मिलाकर) हैं और उनके बीच सैकड़ों चौपाइयाँ, छन्द और सोरठे हैं।
बालकाण्ड की संरचना:
- ▸मंगलाचरण (श्लोक + दोहा + सोरठा + चौपाई)
- ▸नाम वन्दना और नाम महिमा
- ▸मानस रचना विवरण
- ▸शिव-पार्वती कथा (सती प्रसंग, पार्वती तपस्या, विवाह)
- ▸रामावतार के कारण (जय-विजय, नारद, मनु-शतरूपा, प्रतापभानु)
- ▸राम जन्म, बाललीला, नामकरण
- ▸विश्वामित्र प्रसंग (ताड़का वध, अहल्या उद्धार)
- ▸जनकपुर (सीता-राम मिलन, धनुष भंग, परशुराम प्रसंग)
- ▸सीता-राम विवाह, बारात, अयोध्या वापसी
यह रामचरितमानस का सबसे विस्तृत काण्ड है जो पृष्ठ 17 से 340 तक (गीता प्रेस संस्करण) फैला हुआ है।