विस्तृत उत्तर
सही — बालकाण्ड रामचरितमानस का सबसे बड़ा (विस्तृत) काण्ड है।
गीता प्रेस गोरखपुर के सटीक संस्करण में बालकाण्ड पृष्ठ 17 से 340 तक फैला हुआ है — लगभग 323 पृष्ठ। इसमें मंगलाचरण, नाम महिमा, मानस रचना, शिव-सती-पार्वती कथा, रामावतार के कारण, राम जन्म, बाललीला, विश्वामित्र प्रसंग, अहल्या उद्धार, जनकपुर, सीता-राम मिलन, धनुष भंग, परशुराम प्रसंग, विवाह और अयोध्या वापसी — यह सब बालकाण्ड में आता है।
बालकाण्ड में लगभग 361 दोहे (सोरठा सहित) और सैकड़ों चौपाइयाँ हैं।





