'बंदीछोड़ माता' स्वरूप का क्या आध्यात्मिक अर्थ है?
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संक्षिप्त उत्तर
'बंदीछोड़ माता' का आध्यात्मिक अर्थ: तांत्रिक साधना का अंतिम लक्ष्य = सभी बंधनों (शारीरिक-मानसिक-भावनात्मक-कर्मिक) से मुक्ति → आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष की प्राप्ति।
त्रिपुर भैरवी का 'बंदीछोड़ माता' स्वरूप यह दर्शाता है कि तांत्रिक साधना का अंतिम लक्ष्य सभी प्रकार के बंधनों — शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और कर्मिक — से मुक्ति है, जिससे साधक आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष