'बंदीछोड़ माता' स्वरूप का क्या आध्यात्मिक अर्थ है का सबसे सीधा सार यह है: 'बंदीछोड़ माता' का आध्यात्मिक अर्थ: तांत्रिक साधना का अंतिम लक्ष्य = सभी बंधनों (शारीरिक-मानसिक-भावनात्मक-कर्मिक) से मुक्ति → आत्म-साक्षात्कार और मोक्ष की प्राप्ति।
साधना के लाभ जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•साधना के लाभ श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।