विस्तृत उत्तर
छिन्नमस्ता की उग्र साधना साधक को भय, सामाजिक वर्जनाओं और अहंकार की सीमाओं से परे ले जाती है, जिससे साधक में अदम्य साहस और गहन आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।
मस्तक काटना अहंकार के विनाश और अद्वैत चेतना की प्राप्ति को दर्शाता है।
छिन्नमस्ता की साधना तांत्रिक मार्ग की उस चरम स्थिति को दर्शाती है जहाँ साधक जीवन और मृत्यु, शुद्धता और अशुद्धता के द्वंद्वों से ऊपर उठकर परम सत्य का साक्षात्कार करता है।
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