का सरल उत्तर
छिन्नमस्ता साधना → भय, सामाजिक वर्जनाओं और अहंकार की सीमाओं से परे → अदम्य साहस और गहन आध्यात्मिक शक्ति का संचार। मस्तक काटना = अहंकार विनाश + अद्वैत चेतना। जीवन-मृत्यु के द्वंद्व से ऊपर → परम सत्य साक्षात्कार।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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