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विस्तृत उत्तर
काली की पूजा, विशेषकर अमावस्या या मध्यरात्रि में, समय की चक्रीय प्रकृति और अंधकार से प्रकाश की उत्पत्ति के तांत्रिक सिद्धांत को दर्शाती है।
कार्तिक मास की अमावस्या की रात्रि (काली पूजा या दीपावली) माँ काली की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है।
निशिता काल (मध्यरात्रि) में की गई पूजा विशेष फलदायी होती है।
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