बरगद के पेड़ की पूजा वट सावित्री व्रत में कैसे करें
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संक्षिप्त उत्तर
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या (उत्तर भारत) या ज्येष्ठ पूर्णिमा (महाराष्ट्र/दक्षिण) को मनाया जाता है। स्नान-श्रृंगार के बाद बरगद की जड़ में जल, रोली, अक्षत, पुष्प चढ़ाएँ। कच्चा सूत 7 बार तने पर लपे
वट सावित्री व्रत सुहागिन स्त्रियों का अत्यन्त महत्वपूर्ण व्रत है, जो पति की दीर्घायु और अखण्ड सौभाग्य के लिए किया जाता है।
इसमें वट (बरगद) वृक्ष की पूजा केन्द्रीय अनुष्ठान है।