बीज मंत्र: एक/दो अक्षर का मंत्र जिसमें देवता की समस्त शक्ति संघनित। जैसे बीज में वृक्ष। प्रमुख: ॐ (सर्वदेव), ह्रीं (महालक्ष्मी), क्रीं (काली), ऐं (सरस्वती), श्रीं (लक्ष्मी), गं (गणेश)। बीज मंत्र स्वयं
बीज मंत्र का वर्णन तंत्र शास्त्र और शक्ति संगम तंत्र में विस्तार से मिलता है: 'बीज मंत्र' का अर्थ: 'बीज' = बीज।
जैसे एक छोटे बीज में विशाल वृक्ष की शक्ति होती है — उसी प्रकार बीज मंत्र में देवता की समस्त शक्ति संघनित होती है।