बीज मंत्र शक्तिशाली क्यों: तंत्रालोक — 'शब्दब्रह्म' — ध्वनि स्वयं देवता। देवता की समस्त शक्ति एक अक्षर में संघनित। 'एकाक्षरं परं ब्रह्म।' संक्षिप्त = एकाग्रता अधिक। विशेष frequency मस्तिष्क के विशेष भ
बीज मंत्र की शक्ति का विवेचन तंत्रालोक और कुलार्णव तंत्र में मिलता है: 1।
ध्वनि = देवता: tंत्रालोक (अभिनवगुप्त): 'शब्दब्रह्म' — ध्वनि स्वयं ब्रह्म है। बीज मंत्र की विशेष ध्वनि देवता के स्वरूप के समान है।