बेलपत्र (बिल्व पत्र) किस दिन नहीं तोड़ना चाहिए और इसके क्या नियम हैं?
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संक्षिप्त उत्तर
सोमवार, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या और सूर्यास्त के बाद बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। सोमवार की पूजा के लिए रविवार को ही बेलपत्र तोड़ लेना चाहिए। बेलपत्र कभी बासी नहीं होता।
लिंग पुराण और निर्णयसिंधु के अनुसार निम्नलिखित तिथियों पर बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए: सोमवार (शिवजी का दिन), चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति और संध्या काल (सूर्यास्त के बाद)।
चूंकि सोमवार को बेलपत्र तोड़ना मना है, इसलिए व्रती को रविवार को ही बेलपत्र तोड़कर रख लेना चाहिए। बेलपत्र कभी 'बासी' या 'अशुद्ध' नहीं होता।