विस्तृत उत्तर
लिंग पुराण और निर्णयसिंधु के अनुसार निम्नलिखित तिथियों पर बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए: सोमवार (शिवजी का दिन), चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति और संध्या काल (सूर्यास्त के बाद)। चूंकि सोमवार को बेलपत्र तोड़ना मना है, इसलिए व्रती को रविवार को ही बेलपत्र तोड़कर रख लेना चाहिए। बेलपत्र कभी 'बासी' या 'अशुद्ध' नहीं होता। इसे जल से धोकर कई बार चढ़ाया जा सकता है। इसे चढ़ाते समय हमेशा पलटकर (चिकना भाग शिवलिंग की ओर) अर्पित करना चाहिए।





