का सरल उत्तर
सोमवार, चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या और सूर्यास्त के बाद बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। सोमवार की पूजा के लिए रविवार को ही बेलपत्र तोड़ लेना चाहिए। बेलपत्र कभी बासी नहीं होता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।