मुहूर्त शास्त्र
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भद्रा काल क्या है — इसमें कौन से काम न करें?
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संक्षिप्त उत्तर
भद्रा(विष्टि करण)=अशुभ करण। प्रति पक्ष 4 बार। सभी मांगलिक कार्य वर्जित(विवाह/गृहप्रवेश/व्यापार)। मुख=अत्यंत अशुभ, पूँछ=कम। .com→'भद्रा काल'।
भद्रा (विष्टि करण) = पंचांग का एक अशुभ करण — सूर्य की बहन। कब: प्रत्येक पक्ष (15 दिन) में 4 बार भद्रा आती है — तिथि+करण के आधार पर।
कृष्ण चतुर्थी, एकादशी; शुक्ल तृतीया, दशमी आदि। वर्जित: विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश, तीर्थयात्रा, नया व्यापार — सभी मांगलिक कार्य।
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