भगवान अंतर्यामी हैं — हर हृदय में निवास करते हैं। प्रार्थना सीधे उन तक पहुँचती है। उनका उत्तर मन में शांति, स्पष्ट विचार, परिस्थिति में बदलाव या गुरु-संत के माध्यम से आता है।
भगवान हमारी प्रार्थना कैसे सुनते हैं — यह आस्था का गहरा प्रश्न है जिसका उत्तर शास्त्र, संत और स्वानुभव तीनों में मिलता है।
शास्त्रीय दृष्टि से — श्रीमद्भागवत में कहा गया है कि भगवान विष्णु 'अंतर्यामी' हैं — प्रत्येक जीव के हृदय में निवास करते हैं।