भगवान के विसर्जित फूल नदी में प्रवाहित करें, पीपल या तुलसी की जड़ में रखें, या पवित्र भूमि में दबाएं। कूड़े में नहीं फेंकें — ये देव-अर्पित होने के बाद पूजनीय हो जाते हैं।
पूजा में भगवान को अर्पित किए गए फूल — जब वे पुराने हो जाएं — उनका उचित विसर्जन करना भगवान के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
इन्हें कभी कूड़े में नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि ये भगवान को समर्पित होने के बाद पूजनीय हो जाते हैं।