पूजा विधि एवं कर्मकांड
?
भगवान को जल अर्पित करने के प्रकार
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
भगवान को जल अर्पण के पाँच प्रमुख रूप हैं — पाद्य (पैर धोने का), अर्घ्य (हाथ धोने का), आचमन (कुल्ले का), स्नान (अभिषेक) और नैवेद्य-मध्य जल (भोजन के साथ पीने का)। प्रत्येक के अलग मंत्र हैं।
षोडशोपचार पूजा में जल अर्पण के कई अलग-अलग रूप हैं जिनके अलग-अलग उद्देश्य और मंत्र हैं: पाद्य — पैर धोने के लिए जल।
देवता के आगमन पर सर्वप्रथम उनके चरणों को जल से धोने की परंपरा है। 'पाद्यं समर्पयामि' बोलते हुए अर्पित करते हैं।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG