सच्चे हृदय से स्मरण — गीता 9.22, 9.26, 18.66। 5 मिनट ध्यान, 'राम' नाम, एक दीपक, गरीब भोजन, माता-पिता सेवा, सत्य। भगवान पहले से प्रसन्न — बस हमें मुड़ना है।
भगवान को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका कोई जटिल पूजा या महंगा अनुष्ठान नहीं बल्कि सच्चे हृदय से उनका स्मरण है।
गीता में कृष्ण ने बार-बार कहा — भक्ति भाव से एक पत्ता भी स्वीकार (9। 26), अनन्य भक्तों का योगक्षेम मैं वहन करता हूं (9।