विस्तृत उत्तर
भगवान को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका कोई जटिल पूजा या महंगा अनुष्ठान नहीं बल्कि सच्चे हृदय से उनका स्मरण है।
गीता में कृष्ण ने बार-बार कहा — भक्ति भाव से एक पत्ता भी स्वीकार (9.26), अनन्य भक्तों का योगक्षेम मैं वहन करता हूं (9.22), सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज (18.66)। इन तीन श्लोकों का सार यही है — शरणागति और प्रेम।
सरलतम तरीके: प्रतिदिन 5 मिनट आंखें बंद कर इष्टदेव का स्मरण। 'राम' या 'कृष्ण' नाम — चलते-फिरते, काम करते, सोते समय। एक दीपक जलाकर प्रणाम। किसी गरीब को भोजन — भगवान हर प्राणी में (गीता 13.28)। माता-पिता सेवा — 'मातृ देवो भव'। सत्य बोलना और किसी को कष्ट न देना।
भगवान प्रसन्न करना कठिन नहीं — वे तो पहले से प्रसन्न हैं। बस हमें उनकी ओर मुड़ना है।





