विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में एक अत्यन्त रहस्यमयी तथ्य वर्णित है कि यदि भगवान या उनके किसी शुद्ध भक्त द्वारा किसी असुर या अज्ञानी का वध किया जाता है तो वह जीव भी भगवान के हाथों मृत्यु पाने के परम सौभाग्य के कारण सीधे सत्यलोक को प्राप्त कर सकता है। इसे अहैतुकी कृपा कहा जाता है — बिना किसी कारण के या योग्यता के भगवान की कृपा। भगवान के हाथों मृत्यु पाना भी एक प्रकार का परम कल्याण है जो जीव को समस्त पापों से मुक्त कर देता है। भगवान की शक्ति इतनी अपार है कि उनके साथ किसी भी रूप में (चाहे युद्ध में ही क्यों न हो) संपर्क आने से जीव पवित्र हो जाता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





