भगवान राम ने रावण को मारने के लिए असमय (अकाल) दुर्गा पूजा की थी और 108 कमल चढ़ाए थे। एक कमल कम पड़ने पर जब राम ने अपनी आँख निकालनी चाही, तो माता ने प्रकट होकर विजय का आशीर्वाद दिया था।
कालिका पुराण और कृत्तिवास रामायण के अनुसार, भगवान राम ने रावण पर विजय पाने के लिए शरद् ऋतु में देवी की 'अकाल' (असमय) आराधना की थी, जिसे 'अकाल बोधन' कहा जाता है।
उन्होंने 108 नीलकमल अर्पित करने का संकल्प लिया था। देवी ने परीक्षा लेने के लिए एक कमल छिपा दिया।