माँगें — विवेक, भक्ति, शक्ति, क्षमा, दूसरों का कल्याण। धन-सफलता माँगना बुरा नहीं — पर 'जो उचित हो वो दो' के भाव से। न माँगें — किसी को नुकसान, अहंकार की पूर्ति। सर्वश्रेष्ठ माँग — 'अपने चरणों में भक्त
यह एक गहरा और व्यावहारिक प्रश्न है।
शास्त्रों में भगवान से माँगने की एक सुंदर परंपरा है — किंतु साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सच्ची भक्ति 'माँगने' से परे होती है।