'भं' भैरव का एकाक्षरी बीज है। इसका जप आभामंडल के चारों ओर एक अभेद्य अग्नि कवच बना देता है, जो काले जादू, अज्ञात भय और दुर्घटनाओं से तत्काल रक्षा करता है।
'भं' भगवान भैरव का एकाक्षरी बीज मंत्र है। भैरव का अर्थ ही है भरण-पोषण करने वाला और 'भय' का नाश करने वाला।
तांत्रिक और अघोर साधनाओं में 'भं' बीज का प्रयोग एक अभेद्य ऊर्जा-कवच तैयार करने के लिए किया जाता है।