भैरव साधना में शक्ति मंत्रों का उपयोग क्यों होता है?
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संक्षिप्त उत्तर
भैरव साधना में शक्ति मंत्रों का उपयोग भैरव-भैरवी की अद्वैतता के तांत्रिक सिद्धांत पर आधारित है — भैरव परम चेतना हैं तो भैरवी उनकी क्रियात्मक ऊर्जा, दोनों अविभाज्य हैं। यह कोई विरोधाभास नहीं बल्कि उच्च
अब तक के विश्लेषण से यह स्पष्ट है कि भैरव साधना में 'नमः', 'ह्रीं', और 'क्लीं' का समावेश आकस्मिक नहीं है, बल्कि यह एक गहरे तांत्रिक और दार्शनिक सिद्धांत पर आधारित है।
यह सिद्धांत भैरव और भैरवी की अद्वैतता का सिद्धांत है। तांत्रिक दर्शन के अनुसार, भैरव (शिव) और भैरवी (शक्ति) अविभाज्य हैं।