शिव पुराण: ब्रह्मा-विष्णु विवाद में ब्रह्मा ने मिथ्या दावा किया — शिव के क्रोध से उनकी भृकुटियों के मध्य से कालभैरव प्रकट हुए और उन्होंने ब्रह्मा के अहंकार-युक्त पांचवें सिर का छेदन किया। भैरव का जन्म
शिव पुराण के अनुसार, एक समय भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच इस बात पर विवाद उत्पन्न हो गया कि उनमें से श्रेष्ठ कौन है।
इस विवाद को शांत करने के लिए, भगवान शिव एक अनंत ज्योतिर्लिंग (प्रकाश के स्तंभ) के रूप में उनके मध्य प्रकट हुए।