भैरव = शिव का उग्र 5वां अवतार, काशी के कोतवाल। कालाष्टमी (कृष्ण अष्टमी) मुख्य दिन। रात्रि पूजा। 'ॐ कालभैरवाय नमः' 108 बार। काले तिल, सरसों तेल, गेंदा। काले कुत्ते को भोजन। काशी में विश्वनाथ से पहले भै
भैरव भगवान शिव का सबसे उग्र और रौद्र रूप है। शिव पुराण के अनुसार भैरवनाथ शिव का पांचवां अवतार माने जाते हैं।
वे अष्टभैरवों (आठ भैरवों) में प्रमुख हैं और काशी के कोतवाल कहलाते हैं।