भैरव साधना
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भैरव साधना कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
भैरव साधना: शनिवार रात्रि/अमावस्या। काले तिल, उड़द, सरसों तेल दीपक (5 बाती)। काल भैरव अष्टकम् पाठ। मंत्र: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।' 108 जप। नैवेद्य: उड़द + काले तिल। फल: बाध
भैरव साधना की विधि भैरव तंत्र और शिव पुराण में वर्णित है: भैरव परिचय: भैरव = शिव का उग्र रूप। काल भैरव — सर्वप्रमुख। काशी के क्षेत्रपाल।
शुभ समय: शनिवार रात्रि या अमावस्या की रात्रि — विशेष।
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