दस महाविद्या
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भैरवी देवी की उपासना कैसे करें और किस उद्देश्य से?
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संक्षिप्त उत्तर
भैरवी = छठी महाविद्या, तपस्या की देवी, कुण्डलिनी का जागृत रूप। उद्देश्य: तपस्या शक्ति, कुण्डलिनी, शत्रु नाश, वाक् सिद्धि, ज्ञान। मंत्र: 'ॐ ह्रीं भैरव्यै नमः' 108 बार। लाल पुष्प/चंदन। अन्य उग्र महाविद्
भैरवी दस महाविद्याओं में छठी महाविद्या हैं। ये त्रिपुरभैरवी के नाम से प्रसिद्ध हैं और तपस्या, साधना और शक्ति की देवी मानी गई हैं।
भैरवी का स्वरूप: - लाल वस्त्र, लाल रंग, त्रिनेत्रा, चार भुजाएं। - अभय मुद्रा और वर मुद्रा। - तेजस्वी और दीप्तिमान। - भैरव (शिव) की शक्ति।
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