भैया दूज तिलक: बहन स्नान → चौकी पर लाल कपड़ा → भाई बिठाएँ → अनामिका से रोली तिलक (भ्रूमध्य) + अक्षत → आरती → मिठाई → दक्षिणा। कथा: यमुना ने यमराज को तिलक → अकाल मृत्यु भय नाश।
भैया दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया) पर बहन द्वारा भाई को तिलक लगाने की विधि: विधि: 1। बहन प्रातः स्नान → शुद्ध/नए वस्त्र।
भाई भी स्नान करके आए। चौकी/पटले पर लाल कपड़ा बिछाएँ। रंगोली/स्वस्तिक बनाएँ। भाई को आसन पर बिठाएँ।