विस्तृत उत्तर
भैया दूज (कार्तिक शुक्ल द्वितीया) पर बहन द्वारा भाई को तिलक लगाने की विधि:
विधि
- 1बहन प्रातः स्नान → शुद्ध/नए वस्त्र। भाई भी स्नान करके आए।
- 2चौकी/पटले पर लाल कपड़ा बिछाएँ। रंगोली/स्वस्तिक बनाएँ।
- 3भाई को आसन पर बिठाएँ।
- 4तिलक सामग्री: रोली (लाल कुमकुम) + अक्षत (चावल) + चन्दन (कुछ परम्पराओं में)।
- 5तिलक: बहन दाहिने हाथ की अनामिका से भाई के माथे (भ्रूमध्य) पर रोली का तिलक लगाए। ऊपर अक्षत (चावल) चिपकाए।
- 6भाई की आरती उतारे (दीपक से)।
- 7भाई को मिठाई/नारियल/फल खिलाए।
- 8भाई की दीर्घायु, सुख-समृद्धि की कामना।
- 9भाई बहन को उपहार/दक्षिणा दे।
कुछ क्षेत्रीय परम्पराएँ: बहन भाई की हथेली पर तेल + सिन्दूर लगाती है। कुछ स्थानों पर काजल भी लगाती है।
कथा: यमुना ने भाई यमराज का तिलक किया → यम प्रसन्न → वरदान: जो भाई बहन से तिलक करवाए, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं।



