भैया दूज: कार्तिक शुक्ल द्वितीया। बहन भाई को तिलक (रोली-चावल) → आरती → मिठाई/फल → भोजन खिलाए। भाई उपहार दे। कथा: यमुना ने यमराज का तिलक किया — वरदान: तिलक करवाने वाले को यमभय नहीं। भाई-बहन स्नेह बन्धन
भैया दूज (यम द्वितीया) कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाई जाती है — दीपावली के दो दिन बाद। बहन प्रातः स्नान करके पूजा स्थल तैयार करे।
चौकी पर रंगोली/स्वस्तिक बनाएँ। भाई को आसन पर बिठाएँ। भाई के माथे पर तिलक (रोली-चावल) लगाएँ। भाई की आरती उतारें। भाई को मिठाई/नारियल/फल दें।