शिक्षा: सच्ची भक्ति सर्वशक्तिमान (5 वर्ष के बालक ने भगवान प्रकट किए)। अहंकार का विनाश निश्चित। भगवान सर्वव्यापी (खंभे में भी)। संकट में भी धर्म न छोड़ो। प्रह्लाद ने नवधा भक्ति (भागवत 7.5.23) का सिद्धा
भक्त प्रह्लाद की कथा भागवत पुराण (स्कंध 7) में वर्णित है। यह भक्ति की शक्ति और अधर्म के विनाश की सबसे प्रेरक कथा है।
कथा सार: हिरण्यकशिपु (दैत्य राजा) ने ब्रह्मा से वरदान प्राप्त किया — न दिन में मरूं न रात, न अंदर न बाहर, न भूमि पर न आकाश, न मनुष्य से न पशु से, न शस्त्र से न अस्त्र से।