वर्तमान भक्त माँ कूष्मांडा की उपस्थिति कहाँ महसूस करते हैं?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
वर्तमान भक्त: दिन का प्रकाश = स्वयं कूष्मांडा का प्रत्यक्ष रूप। प्रकृति के हर अंग में उनका रूप। चौथे नवरात्र ध्यान: सूर्य में स्थित कूष्मांडा → जीवन से अज्ञान का अंधकार हटाती हैं + ज्ञान का प्रकाश भरत
भक्त मानते हैं कि दिन का प्रकाश स्वयं कूष्मांडा देवी का प्रत्यक्ष रूप है। उनका हर रूप प्रकृति के किसी न किसी अंग में देखा जा सकता है।
भक्त जब चौथे नवरात्र को उनका ध्यान करते हैं, तो कहते हैं कि सूर्य में स्थित कूष्मांडा देवी उनके जीवन से अज्ञान रूपी अंधकार को हटा देती हैं और ज्ञान का प्रकाश भरती हैं।