संगीत भक्ति का सबसे सहज माध्यम है। नवधा भक्ति में 'कीर्तन' एक प्रमुख अंग है। मीरा, सूरदास, कबीर जैसे संत-भक्त संगीत के माध्यम से ईश्वर तक पहुँचे। 'नाद ब्रह्म' — ध्वनि ही ईश्वर है — यह योगशास्त्र का सि
भारतीय परंपरा में संगीत को भक्ति का सबसे सहज और स्वाभाविक माध्यम माना गया है।
यह कोई संयोग नहीं कि भगवान कृष्ण स्वयं वंशी-वादक हैं और भगवान नारद वीणा लिए रहते हैं।