भक्ति
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भक्ति में सख्य भाव क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
ईश्वर=मित्र। अर्जुन-कृष्ण (गीता), सुदामा (पोहा→महल), गोपबाल। 'दोस्त से सब कहूंगा — खुशी/दुख/शिकायत।' 5 भाव: शांत→दास्य→सख्य→वात्सल्य→माधुर्य।
सख्य भाव = ईश्वर = मित्र: क्या है: भगवान = मेरा सखा/मित्र — न भय, न दूरी — प्रेम + समानता + विश्वास।
उदाहरण: - अर्जुन-कृष्ण: गीता = सखा संवाद। 'हे कृष्ण!' = मित्र भाव। - सुदामा-कृष्ण: बचपन मित्र → पोहा → महल = मैत्री।
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