रामचरितमानस — बालकाण्ड
?
भरद्वाजजी ने रामकथा सुनने की इच्छा क्यों प्रकट की?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
भरद्वाजजी के मन में संदेह था — राम दशरथ के पुत्र हैं या परब्रह्म जिन्हें शिवजी जपते हैं? उन्होंने कहा कि गुरु से छिपाव करने से ज्ञान नहीं होता, इसलिये अपना अज्ञान प्रकट करके कृपानिधान से सत्य जानना चा
भरद्वाजजी ने याज्ञवल्क्यजी से रामकथा सुनने की इच्छा इसलिये प्रकट की क्योंकि उनके मन में एक बड़ा संदेह था — कि राम वही अवधेश (दशरथ) के कुमार हैं या वे कोई और परब्रह्म हैं जिनको शिवजी जपते हैं? दोहा —
होइ न बिमल बिबेक उर गुर सन किएँ दुराव॥' अर्थ — हे प्रभो! संतलोग ऐसी नीति कहते हैं और वेद, पुराण तथा मुनिजन भी यही बतलाते हैं कि गुरुके साथ छिपाव करनेसे हृदयमें निर्मल ज्ञान नहीं होता।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG