भस्मासुर ने शिव से वरदान माँगा कि वह जिसके भी सिर पर हाथ रखे, वह तत्काल भस्म हो जाए। शिव ने 'एवमस्तु' कहकर दे दिया। वरदान पाते ही भस्मासुर ने शिव जी पर ही इसे आजमाने का दुस्साहस किया।
भस्मासुर ने शिव जी की घोर तपस्या से प्रसन्न करने के बाद एक ऐसा विचित्र और विनाशकारी वरदान माँगा जो उसकी मूर्खता और दुर्बुद्धि का प्रमाण बना।
शिव पुराण एवं श्रीमद्भागवत की कथा के अनुसार जब भगवान शिव भस्मासुर की तपस्या से प्रसन्न होकर प्रकट हुए और वरदान मांगने को कहा, तो भस्मासुर ने पहले अमरत्व का वरदान माँगा।