भीष्म का धनुष परशुराम से प्राप्त और अत्यंत शक्तिशाली था। इसकी प्रत्यंचा की आवाज से शत्रु कांप उठते थे। उनके पास ब्रह्मास्त्र सहित अनेक दिव्यास्त्र थे। धनुष का विशेष नाम पुराणों में स्पष्ट नहीं है।
भीष्म पितामह महाभारत के सबसे वरिष्ठ और भयंकर योद्धा थे और उनके धनुष का वर्णन भी उसी उत्कृष्टता के साथ किया गया है।
महाभारत के भीष्मपर्व में वर्णन मिलता है कि भीष्म का धनुष अत्यंत विशाल और दिव्य था।