भूत ज्वर और प्रेत ज्वर अदृश्य नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव से उत्पन्न मानसिक व्याधियाँ और मनोग्रस्तियाँ हैं — स्तोत्र इन्हें 'हन हन, दहन' से नष्ट करता है।
भूत ज्वर और प्रेत ज्वर अदृश्य एवं तांत्रिक ज्वरों की श्रेणी में आते हैं।
ये मानसिक व्याधियाँ, मनोग्रस्तियाँ और नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव को दर्शाते हैं।