पुराणों में अर्धनारीश्वर का प्राकट्य
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भृंगी प्रसंग से क्या शिक्षा मिलती है?
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संक्षिप्त उत्तर
भृंगी प्रसंग से शिक्षा मिलती है कि साधना में अहंकार और भेद बुद्धि स्वीकार्य नहीं है और शिव-शक्ति दोनों की पूजा समान रूप से अनिवार्य है।
भृंगी प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि ज्ञान या साधना के मार्ग पर अहंकार (भेद बुद्धि) और द्वैत स्वीकार्य नहीं है।
इस प्रसंग से यह भी स्पष्ट होता है कि परम तत्व में शिव और शक्ति दोनों की पूजा अनिवार्य है।
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