भूमिदान से ब्रह्महत्या जैसे महापाप नष्ट होते हैं, राजकीय महापाप केवल इसी से मिटता है, गोचर्म भूमिदान समस्त पापनाशक है और इन्द्रलोक की प्राप्ति होती है। यह अष्टमहादान में सम्मिलित है।
गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय में भूमिदान का अत्यंत महत्वपूर्ण वर्णन है।
महापाप-नाशक — गरुड़ पुराण में कहा गया है — 'राज्य में किया हुआ अर्थात राज्यसंचालन में राजा से होने वाला महापाप न व्रतों से, न तीर्थ सेवन से और न अन्य किसी दान से नष्ट होता है, अपितु वह तो केवल भूमिदान