परिचय और स्वरूप
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माँ भुवनेश्वरी और माँ काली में क्या अंतर है?
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संक्षिप्त उत्तर
माँ काली = 'काल' (समय) की प्रतिनिधि। माँ भुवनेश्वरी = 'आकाश/स्थान' की अधिष्ठात्री। माँ भुवनेश्वरी = ज्ञान शक्ति + सृष्टि रचना में भूमिका + सौम्य स्वरूप। माँ काली = विनाश-परिवर्तन + उग्र स्वरूप।
यदि माँ काली 'काल' (समय) का प्रतिनिधित्व करती हैं, तो माँ भुवनेश्वरी 'आकाश' या 'स्थान' की अधिष्ठात्री देवी हैं।
माँ भुवनेश्वरी ज्ञान शक्ति की देवी हैं और सृष्टि की रचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जबकि माँ काली विनाश और परिवर्तन की शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं।
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