जप नियम
?
बिना आसन के मंत्र जप का फल
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
बिना आसन के नंगी जमीन पर बैठकर जप करने से पृथ्वी सारी आध्यात्मिक ऊर्जा सोख लेती है, जिससे जप निष्फल हो जाता है। ऊर्जा संरक्षण के लिए कुशा या ऊनी आसन अनिवार्य है।
सनातन धर्म के कर्मकांड में स्पष्ट उल्लेख है कि बिना शुद्ध आसन के किया गया कोई भी धार्मिक अनुष्ठान या मंत्र जप पूरी तरह से निष्फल (व्यर्थ) हो जाता है।
वैज्ञानिक कारण — जब साधक मंत्र का उच्चारण करता है, तो उसके भीतर एक विशेष आध्यात्मिक और विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG