बिस्तर पर बैठकर मंत्र जप करने के क्या नुकसान और नियम हैं
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संक्षिप्त उत्तर
विशेष सिद्धि के लिए बिस्तर पर जप वर्जित है, लेकिन सामान्य 'नाम जप' किसी भी स्थान या अवस्था में किया जा सकता है।
शास्त्रों के अनुसार, बिस्तर को विश्राम और तामसिक क्रियाओं का स्थान माना गया है।
इसलिए, बिस्तर पर बैठकर विधि-विधान से 'अनुष्ठान' या 'गुरु मंत्र' का जप करना वर्जित है, क्योंकि इससे मंत्र की शक्ति का ह्रास होता है और साधक को दोष लग सकता है।