सुमेरु और ब्रह्म ग्रंथि
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ब्रह्म ग्रंथि क्या होती है?
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संक्षिप्त उत्तर
ब्रह्म ग्रंथि वह गाँठ है जो प्रत्येक मनके के बाद लगाई जाती है — व्यावहारिक रूप से: मनके नहीं टकराते, एकाग्रता भंग नहीं होती; आध्यात्मिक रूप से: ब्रह्मा की शक्ति का प्रतीक जो मंत्र ऊर्जा को मनके में 'स
प्रत्येक मनके के पश्चात जो गाँठ लगाई जाती है, उसे 'ब्रह्म-ग्रंथि' कहते हैं।
इसका दोहरा महत्व है: व्यावहारिक महत्व: यह ग्रंथि दो मनकों को आपस में टकराने से रोकती है, जिससे जप के समय ध्वनि नहीं होती और साधक की एकाग्रता भंग नहीं होती।
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