पुष्कर यज्ञ के समय ब्रह्मा जी ने पत्नी सावित्री की अनुपस्थिति में किसी अन्य स्त्री से विवाह कर यज्ञ पूर्ण किया। क्रोधित सावित्री ने श्राप दिया कि संसार में उनकी पूजा नहीं होगी। केवल पुष्कर में उनका एक
यह एक अत्यंत रोचक पौराणिक प्रश्न है।
ब्रह्मा जी सृष्टि के रचयिता और चार वेदों के ज्ञाता हैं, फिर भी पृथ्वी लोक पर उनकी पूजा लगभग नहीं होती और उनका केवल एक प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के पुष्कर में है।