ब्रह्म इस सारे विश्व का परम सत्य है। तैत्तिरीय उपनिषद के अनुसार 'सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म' — ब्रह्म सत्य, ज्ञान और अनंत है। अद्वैत वेदांत के अनुसार 'ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या' — ब्रह्म ही एकमात्र परम सत
ब्रह्म का स्वरूप ब्रह्म (ब्रह्मन्) हिंदू (वेदांत और उपनिषद) दर्शन में इस सारे विश्व का परम सत्य और जगत का सार है।
तैत्तिरीय उपनिषद (2/1) की परिभाषा > 'सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्म' > — ब्रह्म सत्य है, ज्ञान है और अनंत है।