ब्रह्मसूत्र महर्षि बादरायण (वेदव्यास) द्वारा रचित वेदांत दर्शन का मूलग्रंथ है जिसमें 555 सूत्रों में उपनिषदों का दार्शनिक सार प्रस्तुत किया गया है। यह प्रस्थानत्रयी का तीसरा ग्रंथ है और इस पर शंकराचार
ब्रह्मसूत्र वेदांत दर्शन का आधारभूत ग्रंथ है। इसे वेदान्त सूत्र, उत्तर-मीमांसा सूत्र, शारीरक सूत्र आदि नामों से भी जाना जाता है।
इसके रचयिता महर्षि बादरायण हैं जिन्हें वेदव्यास के नाम से भी जाना जाता है।