पंचांग एवं ज्योतिष
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ब्रह्म योग क्या होता है?
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संक्षिप्त उत्तर
ब्रह्म योग 27 नित्ययोगों में 25वाँ, अत्यंत शुभ। 'सर्वोच्च ज्ञान-विद्या' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 320°–333°20'। स्वामी ब्रह्मा। वेदाध्ययन-दीक्षा के लिए सर्वोत्तम। जन्म में विद्वान, गुह्य-ज्ञानी, सत्य
ब्रह्म योग पंचांग के 27 नित्ययोगों में पंचविंश (25वाँ) योग है। यह विद्या, ज्ञान और ब्रह्मतत्व का सर्वोच्च प्रतीक है।
नाम का अर्थ — 'ब्रह्म' = परब्रह्म, सृष्टिकर्ता। यह योग सर्वोच्च ज्ञान, विद्या और सत्य का बोधक है।
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