ब्रह्मास्त्र चलने से भयंकर प्रलयाग्नि उत्पन्न होती है, जीव-जंतु और वनस्पति नष्ट होते हैं, 12 वर्ष दुर्भिक्ष पड़ता है। दो ब्रह्मास्त्रों के टकराने से सम्पूर्ण पृथ्वी के नाश का भय था।
महाभारत के सौप्तिक पर्व (अध्याय 13-15) में ब्रह्मास्त्र के भयावह परिणामों का विस्तृत वर्णन है।
तत्काल प्रभाव — ब्रह्मास्त्र चलने पर भयंकर प्रलयाग्नि उत्पन्न होती है।